Monday, July 9, 2018

Chaman mera #greenary

देता है जो सुकून मेरे दिल को हर रोज
नहीं कोई और, वो मेरे ऑगन और छत पर बसा, 
मेरा दिल अज़ीज मेरा चमन है,
झुरमुटों से छनती सुबह की धूप
मेरे ऑगन में ठंडी हवा का लहराना 
सुबह सवेरे  वो उनका मुसकुराना,


कोमल टहनियों पर फूलों का तारों सा  झिलमिलाना,
अठखेलियाँ करती पत्तियों का वो लहराना,
कोई लाल तो कोई गुलाबी हर फूल का है रंग अपना
हॉ बड़े दिल से संजोया है अपना ये बाग़ीचा,
कुछ देर ही सही हर रोज उन संग रहना,
कभी बॉलकोनी में तो कभी छत पर जाकर,
धीरे से उनको सहलाना,  कभी पत्तियों को धोना,
कभी जड़ों को खोदना, कभी पत्तियों को नहलाना,
हॉ बहुत सुकून देता है चमन मेरा,
हर रोज पेड़ों से बात करना, मुझे देख मेरे पौधों का चहकना,
सोचती हूँ बस इसी तरह उम्र ढलने तक निहारती रहूं
बड़ा सुकून देता है चमन मेरा
Indispire -edition 229



No comments:

Post a Comment